Hindi Shayari

चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,
लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है।
“अब तो उन की याद भी आती नहीं
कितनी तन्हा हो गईं तन्हाइयां”








 

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